कहानी – बाघ, एक रात – रवि बुले
डर से अगर आप डर गए तो वह पीछे लग जाता है। बाघ की तरह। तब वह आपके पीछे दबे पांव चल पड़ता है। आपका शिकार करने के लिए। यह तर्क बेकार हो जाता है कि अगर आप उसकी आंखों में आंखें डाल कर देखते रहेंगे तो वह हार कर चुपचाप लौट जाएगा। मौका पाते ही वह आपके जिस्म में अपने पैने-लंबे दांत गड़ा देता है और खून में उतर जाता है। एक-एक बूंद में समा जाता है। फिर आप उससे कभी मुक्त नहीं हो सकते। वह पल-पल मौत की तरह सिर पर मंडराता है... वही जिंदगी बन जाता है...! मौत से खौफजदा जिंदगी...!!
